इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक आदमी को देखा, जिसने लोगों के साथ नमाज़ नही…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عمران بن حصين رضي الله عنهما أن رسول الله صلى الله عليه وسلم رأى رجلًا مُعتزلًا، لم يُصَلِّ في القوم، فقال: (يا فلان، ما منعك أن تصلي في القوم؟) فقال: يا رسول الله أصابتني جنابةٌ، ولا مَاءَ، فقال: (عليك بالصَّعِيدِ، فإنه يَكْفِيَكَ).
एक दिन नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपने साथियों को फ़ज्र की नमाज़ पढ़ाई। नमाज़ पढ़ चुके तो देखा कि एक आदमी ने उनके साथ नमाज़ नहीं पढ़ी। चूँकि आप बड़े दयालु थे तथा अल्लाह की ओर बुलाने का कार्य कैसे किया जाए, इसका पूर्ण ज्ञान रखते थे, इसलिए उसे डाँटने के बजाय उससे जमाअत में शरीक न होने का कारण जानना चाहा। फ़रमायाः ऐ अमुक, तुम ने लोगों के साथ नमाज़ क्यों नहीं पढ़ी? उसने (अपनी समझ के अनुसार) कारण यह बताया कि वह जुंबी (उसे नापाकी पहुंची है) है और उसके पास पानी नहीं है, अतः उसने पानी मिलने तथा पवित्रता प्राप्त करने तक नमाज़ को विलंब करने का निर्णय लिया है। यह सुनकर नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः अल्लाह ने तुम्हें (अपनी कृपा से) पवित्रता प्राप्त करने के लिए पानी के स्थान पर एक और वस्तु प्रदान की है। अर्थात मट्टी दी है। तुम उसका प्रयोग कर लो। वह तुम्हारे लिए पानी के स्थान पर पर्याप्त है।
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