सूरज और चाँद अल्लाह की निशानियाँ हैं। अल्लाह उनके द्वारा अपने बंदों को डराता है। उन्हें कि…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: सूरज और चाँद अल्लाह की निशानियाँ हैं। अल्लाह उनके द्वार…

عن أبي مسعود عُقبة بن عَمْرو الأنصاري البَدْري رضي الله عنه مرفوعاً: «إن الشمس والقمر آيتان من آيات الله، يُخَوِّفُ الله بهما عباده، وإنهما لا يَنْخَسِفَان لموت أحد من الناس، فإذا رأيتم منها شيئا فَصَلُّوا، وَادْعُوا حتى ينكشف ما بكم»

हदीस की व्याख्या: सूरज और चाँद अल्लाह की निशानियाँ हैं। अल्लाह उनके द्वार…

इस हदीस में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बताया है कि सूरज और चाँद अल्लाह की निशानियों में से हैं, जो उसकी सामर्थ्य और हिकमत का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। उनकी व्यवस्था में प्राकृतिक परिवर्तन का संबंध बड़े लोगों के जीवन-मरण से नहीं है तथा धरती की घटनाएँ उनपर असर अंदाज़ नहीं होतीं। यह केवल बंदों को उनके गुनाहों से भयभीत करने के लिए सामने आते हैं, ताकि वे नए सिरे से तौबा करके अल्लाह की निकटता प्राप्त कर लें।

यही कारण है कि लोगों को ग्रहण समाप्त होने तक नमाज़ एवं दुआ में व्यस्त रहने का आदेश दिया गया है। इस ब्रह्मांड में अल्लाह के बेशुमार रहस्य और तदबीरें हैं!

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · सूरज ग्रहण तथा चाँद ग्रहण की नमाज़

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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