इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > ऐ अल्लाह! मैं तेरी शरण माँगता हूँ क़ब्र की यातना से, जहन्नम की यातना से, जीवन और मृत्यु के…
स़ह़ीह़विषय-सूची :
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدْعُو وَيَقُولُ: «اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ القَبْرِ، وَمِنْ عَذَابِ النَّارِ، وَمِنْ فِتْنَةِ المَحْيَا وَالمَمَاتِ، وَمِنْ فِتْنَةِ المَسِيحِ الدَّجَّالِ».
وفِي لَفْظٍ لِمُسْلِمٍ: «إِذَا فَرَغَ أَحَدُكُمْ مِنَ التَّشَهُّدِ الْآخِرِ، فَلْيَتَعَوَّذْ بِاللهِ مِنْ أَرْبَعٍ: مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ، وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ، وَمِنْ شَرِّ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम नमाज़ में अंतिम तशह्हुद के बाद और सलाम से पहले चार चीज़ों से अल्लाह की शरण माँगते थे और हमें भी उनसे अल्लाह की शरण माँगने का आदेश दिया है।
1- क़ब्र की यातना से।
2- जहन्नम की यातना से। यानी क़यामत के दिन।
3- जीवन के फ़ितने, जैसे उसकी हराम आकांक्षाओं और पथभ्रष्ट कर देने वाले संदेहों से तथा मौत के फ़ितने, यानी मौत के समय इस्लाम या सुन्नत से भटक जाने या फिर क़ब्र के फ़ितने, जैसे दो फ़रिश्तों के सवाल से।
4- काना दज्जाल के फ़ितने से, जो अंतिम ज़माने में निकलेगा और जिसके ज़रिए अल्लाह अपने बंदों की परीक्षा लेगा। उसका विशेष रूप से उल्लेख इसलिए किया गया है कि उसका फ़ितना बड़ा भयानक फ़ितना होगा और वह लोगों को बड़े पैमाने पर गुमराह करेगा।
श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ के अज़कार