इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मैं कहता हूँ : ऐ अल्लाह, मेरे तथा मेरे गुनाहों के बीच उतनी दूरी पैदा कर दे, जितनी दूरी पूर…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رضي الله عنه قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، إِذَا كَبَّرَ فِي الصَّلَاةِ، سَكَتَ هُنَيَّةً قَبْلَ أَنْ يَقْرَأَ، فَقُلْتُ: يَا رَسُولَ اللهِ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي أَرَأَيْتَ سُكُوتَكَ بَيْنَ التَّكْبِيرِ وَالْقِرَاءَةِ، مَا تَقُولُ؟ قَالَ «أَقُولُ: اللهُمَّ بَاعِدْ بَيْنِي وَبَيْنَ خَطَايَايَ كَمَا بَاعَدْتَ بَيْنَ الْمَشْرِقِ وَالْمَغْرِبِ، اللهُمَّ نَقِّنِي مِنْ خَطَايَايَ كَمَا يُنَقَّى الثَّوْبُ الْأَبْيَضُ مِنَ الدَّنَسِ، اللهُمَّ اغْسِلْنِي مِنْ خَطَايَايَ بِالثَّلْجِ وَالْمَاءِ وَالْبَرَدِ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब नमाज़ की तकबीर कहते, तो सूरा फ़ातिहा पढ़ने से पहले ज़रा देर रुकते। इस अंतराल में कुछ दुआओं द्वारा नमाज़ क आग़ाज़ करते। उनमें से एक दुआ यह है : "ऐ अल्लाह! मेरे तथा मेरे गुनाहों के बीच उतनी दूरी पैदा कर दे, जितनी दूरी तूने पूरब और पश्चिम के बीच रखी है। ऐ अल्लाह! मुझे गुनाहों से साफ़ कर दे, जैसे उजले कपड़े को मैल-कुचैल से साफ़ किया जाता है। ऐ अल्लाह! मुझे मेरे गुनाहों से पानी, बर्फ और ओले से धो दे।" आप सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह से दुआ करते कि वह आपको गुनाहों में संलिप्त होने से बचाने के लिए आपके और गुनाहों के बीच इतनी दूरी बना दे कि दोनों एक-दूसरे से मिल न सकें। जैसे कि सूरज के निकलने और डूबने के स्थान कभी आपस में मिल नहीं सकते। अगर गुनाहों में संलिप्त हो भी जाएँ, तो उनसे आपको ऐसे स्वच्छ कर दे कि जैसे सफ़ेद कपड़े से मैल-कुचैल को धोकर साफ़-सुथरा कर दिया जाता है। इसी तरह आपको पानी, बर्फ़ और ओले जैसी ठंडी चीज़ों द्वारा गुनाहों से धो दे और गुनाहों की तपिश और गर्मी को ठंडा कर दे।
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