इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जब गर्मी अधिक तेज़ हो, तो ज़ुहर की नमाज़ ज़रा ठंड पड़ने पर पढ़ा करो, क्योंकि गर्मी की भीषण…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عبد الله بن عُمَرَ وأبي هُرَيْرَةَ وأبي ذر رضي الله عنهم عن النبي - صلى الله عليه وسلم - أنه قال: «إذا اشْتَدَّ الْحَرُّ فَأَبْرِدُوا بالصلاة. فإن شدة الْحَرِّ من فَيْحِ جَهَنَّمَ».
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने भीषण गर्मी (जो कि जहन्नम के साँस लेने और उसकी लपट के कारण होती है) के समय ज़रा देर करके, ठंडा होने पर नमाज़ पढ़ने का आदेश दिया है। ताकि ऐसा न हो कि गर्मी और परेशानी के कारण इनसान सुकून से नमाज़ न पढ़ सके।
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