अब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब ने रसूलुल्लाह- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से मिना में ठरहने के द…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब ने रसूलुल्लाह- सल्लल्लाहु अल…

عن عبد الله بن عُمَر رضي الله عنه قال: «اسْتَأْذَنَ الْعَبَّاسُ بن عَبْدِ الْمُطَّلِب رسول الله صلى الله عليه وسلم : أن يبيت بمكة ليالي مِنى، من أجل سِقَايَتِه فأذن له».

हदीस की व्याख्या: अब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब ने रसूलुल्लाह- सल्लल्लाहु अल…

तशरीक़' की रातों में मिना में रात गुज़ारना हज का एक अनिवार्य और प्रमुख कार्य है, जो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने किया है,क्योंकि तशरीक़ के दिनो और रातो में मिना में रहना अल्लाह की आज्ञाकारिता और हज के प्रतीकों में से है।। लेकिन चूँकि हाजियों को पानी पिलाना भी नेकी का काम है और अल्लाह के अतिथियों की सेवा है, इसलिए आपने अपने चचा अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहु) को हाजियों को पानी पिलाने के उद्देश्य से मिना में रात न गुज़ारने की अनुमति दी है। इस हदीस से पता चलता है कि यदि कोई उस तरह के कार्य में व्यस्त न हो और उसके पास मिना में न ठहरने का कोई उचित कारण न हो, तो उसके हक़ में यह अनुमति नहीं है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · हज तथा उमरा · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · हज का तरीक़ा

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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