इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मैं एक ऐसा व्यक्ति था, जिसे बहुत ज़्यादा मज़ी (चिपचिपा सफ़ेद तरल जो पेशाब के रास्ते से) आत…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ عَلِيٍّ رضي الله عنه قَالَ: كُنْتُ رَجُلًا مَذَّاءً وَكُنْتُ أَسْتَحْيِي أَنْ أَسْأَلَ النَّبِيَّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِمَكَانِ ابْنَتِهِ فَأَمَرْتُ الْمِقْدَادَ بْنَ الْأَسْوَدِ فَسَأَلَهُ فَقَالَ: «يَغْسِلُ ذَكَرَهُ وَيَتَوَضَّأُ».
وَلِلبُخَاريِّ: فَقَالَ: «تَوَضَّأْ وَاغْسِلْ ذَكَرَكَ».
अली बिन अबू तालिब रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं कि उनको अकसर मज़ी निकल जाया करती थी। दरअसल मज़ी एक प्रकार का पतला, चिपचिपा, सफ़ेद पानी है, जो वासना के समय या संभोग से पहले लिंग से निकलता है। और उनको पता भी नहीं था कि मज़ी निकलने के बाद क्या करना चाहिए। परंतु अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछने में लज्जा बाधा बन रही थी, क्योंकि आपकी बेटी फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अनहा उनके निकाह में थीं। अतः मिक़दाद रज़ियल्लाहु अनहु से कहा कि वह अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से इसके बारे में पूछें। तब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कहा कि वह पहले अपना लिंग धो लें और उसके बाद वज़ू कर लें।
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