क़यामत के दिन मोमिन का ज़ेवर वहाँ तक पहुँचेगा, जहाँ तक वज़ू का पानी का पहुँचेगा।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इमाम मुस्लिम ने दोनों रिवायतों के साथ नक़ल किया है। - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: क़यामत के दिन मोमिन का ज़ेवर वहाँ तक पहुँचेगा, जहाँ तक…

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : ((إن أمتي يُدْعَون يوم القيامة غُرًّا مُحَجَلِّين من آثار الوُضُوء)). فمن اسْتَطَاع منكم أن يُطِيل غُرَّتَه فَليَفعل.
وفي لفظ لمسلم: ((رأَيت أبا هريرة يتوضَّأ، فغسل وجهه ويديه حتى كاد يبلغ المنكبين، ثم غسل رجليه حتى رَفَع إلى السَّاقين، ثم قال: سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: إنَّ أمتي يُدْعَون يوم القيامة غُرًّا مُحَجَّلِين من آثار الوُضُوء)) فمن استطاع منكم أن يطيل غُرَّتَه وتَحْجِيلَه فَليَفعَل.
وفي لفظ لمسلم: سمعت خليلي صلى الله عليه وسلم يقول: ((تَبْلُغ الحِليَة من المؤمن حيث يبلغ الوُضُوء)).

हदीस की व्याख्या: क़यामत के दिन मोमिन का ज़ेवर वहाँ तक पहुँचेगा, जहाँ तक…

इस हदीस में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी उम्मत को खुशख़बरी दी है कि अल्लाह तआला क़यामत के दिन उन्हें अन्य उम्मतों के बीच एक सम्मानसूचक निशानी प्रदान करेगा। जब उन्हें उस दिन पुकारा जाएगा और वह सारी सृष्टियों के सामने उपस्थित होंगे, तो उनके चेहरे, हाथ और पाँव चमक रहे होंगे। यह चमक उन्हें वुज़ू जैसी महत्वपूर्ण इबादत के कारण प्राप्त होगी, जिसके माध्यम से वे अपने शरीर के इन अंगों को अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए और उसके प्रतिफल की उम्मीद में बार-बार धोया करते थे। इसी के बदले में उन्हें यह प्रशंसनाीय विशेषता प्राप्त होगी। फिर अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैंः "जो इस चमक को बढ़ा सकता है, वह इसे ज़रूर बढ़ाए।" इसलिए कि वुज़ू के समय धोए जाने वाले अंगों के जितने अधिक भाग को धोया जाएगा, उतनी ही अधिक चमक प्राप्त होगी। लेकिन जायज़ सिर्फ़ इतना है कि वुज़ू में दोनों हाथों को कोहनियों समेत, बाज़ू के कुछ भाग को लेते हुए धोए। इसी तरह दोनों पैरों को टखनों समेत पिंडलियों के कुछ भागों को लेते हुए धोए। वुज़ू में बाज़ू तथा पिंडली को न धोया जाए। दूसरी रिवायत में अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से रिवायत किया गया है कि क़यामत के दिन मोमिन का गहना वहाँ तक होगा, जहाँ तक वुज़ू का पानी पहुँचता है।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · वज़ू · वज़ू की फ़ज़ीलत

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الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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