जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; एक कहता है : ऐ अल्लाह ख़र्च करने वाल…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; ए…

हदीस की व्याख्या: जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; ए…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि हर दिन, जिसमें सूरज निकलता है, दो फ़रिश्ते उतरकर पुकारते हैं। एक कहता है :

ऐ अल्लाह! नेकी के कामों में, बाल-बच्चों पर और अतिथियों पर खर्च करने वालों को बेहतर बदला प्रदान कर और उसके धन में बरकत दे।

जबकि दूसरा कहता है : ऐ अल्लाह! ख़र्च करने से हाथ रोक कर रखने वाले के माल को, जिसे उसने हक़दारों को देने से रोक रखा है, नष्ट कर दे।

सीख: जिस दिन भी बंदे सुबह करते हैं, दो फ़रिश्ते उतरते हैं; ए…

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سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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