उन्हें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरह वज़ू करके दिखाया

इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > उन्हें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरह वज़ू करके दिखाया

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: उन्हें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरह व…

عَنْ يحيى بنِ عُمَارةَ المَازِنِيِّ قَالَ: شَهِدْتُ عَمْرَو بْنَ أَبِي حَسَنٍ سَأَلَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدٍ، عَنْ وُضُوءِ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَدَعَا بِتَوْرٍ مِنْ مَاءٍ، فَتَوَضَّأَ لَهُمْ وُضُوءَ النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، فَأَكْفَأَ عَلَى يَدِهِ مِنَ التَّوْرِ، فَغَسَلَ يَدَيْهِ ثَلاَثًا، ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فِي التَّوْرِ، فَمَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ وَاسْتَنْثَرَ، ثَلاَثَ غَرَفَاتٍ، ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلاَثًا، ثُمَّ غَسَلَ يَدَيْهِ مَرَّتَيْنِ إِلَى المِرْفَقَيْنِ، ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَمَسَحَ رَأْسَهُ، فَأَقْبَلَ بِهِمَا وَأَدْبَرَ مَرَّةً وَاحِدَةً، ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ إِلَى الكَعْبَيْنِ.

हदीस की व्याख्या: उन्हें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरह व…

यहाँ अब्दुल्लाह बिन ज़ैद रज़ियल्लाहु अनहु ने व्यवहारिक रूप से अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के वज़ू का तरीक़ा बयान किया है। अतः उन्होंने पानी का एक छोटा-सा बर्तन मँगवाया। सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को धोया। वह इस तरह कि बर्तन को झुका कर दोनों हथेलियों पर पानी डाला और उनको तीन बार बर्तन से बाहर धोया। फिर अपना हाथ बर्तन में डालकर तीन चुल्लू पानी लिया और हर चुल्लू से कुल्ली की, नाक में पानी चढ़ाया और नाक झाड़ी। फिर बर्तन से तीन चुल्लू पानी लेकर तीन बार अपने चेहरे को धोया, फिर उससे पानी लेकर अपने हाथों को कोहनियो समेत दो-दो बार धोया। फिर बर्तन में हाथ डाला और दोनों हाथों से अपने सर का मसह (स्पर्श) किया। मसह करने का आरंभ अपने सर के अगले भाग से किया और हाथों को गर्दन की ऊपरी भाग में स्थित गुद्दी तक पहुँचाया। फिर दोनों हाथों को वापस वहीं ले आए, जहाँ से आरंभ किया था। फिर दोनों पैरों को टखनों समेत धोया।

सीख: उन्हें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरह व…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · तहारत (पवित्रता प्राप्त करना) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · वज़ू · वज़ू का तरीक़ा

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद