इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > आज रोज़ा न रखने वाले नेकी ले गए।
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أنس بن مالك رضي الله عنه قال: كنَّا مع النبي صلى الله عليه وسلم في السفر فمنَّا الصائم، وَمِنَّا المُفطر، قال: فنزلنا مَنْزِلًا فِي يوم حارٍّ، وأكثرنا ظِلًّا صاحب الْكِسَاءِ، وَمِنَّا من يَتَّقِي الشمس بيده، قال: فَسقط الصُّوَّامُ، وقام المُفْطِرُونَ فَضربوا الْأَبْنِيَةِ، وَسَقَوْا الرِّكَاب، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : "ذهب المُفْطِرُونَ اليوم بالأجر".
सहाबा नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ एक यात्रा में थे। संंभवतः वह यात्रा मक्का विजय की रही होगी। कुछ सहाबा रोज़े से नहीं थे और कुछ रोज़े से थे। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दोनों को अपने-अपने हाल पर रहने दिया। एक दिन गरमी बड़ी सख़्त थी। सब लोग यात्रा की थकावट और दोपहर की गरमी से त्रस्त होकर आराम के लिए एक जगह रुके। गरमी सख़्त थी, इसलिए गरमी और प्यास से निढाल होकर रोज़ेदार गिर पड़े और कोई काम न कर सके। जबकि जो लोग रोज़े से नहीं थे, वे उठे और ख़ेमे लगाए, ऊँटों को पानी पिलाया और अपने रोज़ेदार भाइयों की सेवा की। जब नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उनके कार्य और सेना की सेवा को देखा, तो उनकी हिम्मत बढ़ाई और उनकी फ़ज़ीलत तथा अधिक प्रतिफल प्राप्त करने का बखान करते हुए कहा कि आज रोज़ा न रखने वाले ही नेकी ले गए।
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