इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > शैतान आदम की संतान की रगों में लहू की तरह दौड़ता है। इसलिए मुझे डर हुआ कि शैतान तुम्हारे द…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن صَفِيَّةُ بِنْتُ حُيَيٍّ رضي الله عنها قالت: «كان النبي صلى الله عليه وسلم مُعْتَكِفًا، فَأَتَيْتُهُ أَزُورُهُ ليلا، فَحَدَّثْتُهُ، ثمَّ قُمْتُ لِأَنْقَلِبَ، فقام معي لِيَقْلِبَنِي -وكان مسكنها في دار أُسَامَةَ بن زَيْدٍ-، فَمَرَّ رَجُلاَنِ من الأنصار، فلما رأيا رسول الله صلى الله عليه وسلم أسرعا، فقال النبي صلى الله عليه وسلم : على رِسْلِكُمَا، إنها صَفِيَّةَ بِنْتُ حُيَيٍّ، فقالا: سبحان الله يا رسول الله، فقال: إن الشَّيْطَانَ يَجْرِي من ابن آدم مَجْرَى الدَّمِ، وإني خَشِيتُ أن يَقْذِفَ في قُلُوبِكُمَا شرا -أو قال شيئا-».
وفي رواية: «أنها جاءَت تَزُورُهُ في اعْتِكَافِهِ في الْمَسْجِدِ، فِي العَشْرِ الأوَاخِرِ من رمضان، فتَحدَّثَتْ عنده ساعة، ثم قامت تَنقَلِبُ، فقام النبي صلى الله عليه وسلم معها يَقْلِبُهَا ، حتى إذا بَلَغَتْ باب المسجد عند باب أم سلمة...» ثم ذكره بمعناه.
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रमज़ान के आखिरी दस दिनों में एतेकाफ़ में थे। इसी बीच आपकी पत्नी सफ़िय्या -रज़ियल्लाहु अनहा- आपसे मिलने आईं और कुछ देर बात करने के बाद घर वापस जाने के लिए खड़ी हुईं, तो आप खड़े हुए और कुछ दूर तक उनके साथ चलने लगे। इतने में वहाँ से दो अंसारी व्यक्ति गुज़रे और अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ आपकी पत्नी को देखकर लजाते हुए तेज़ चलने लगे। यह देख, आपने उन दोनों से कहा कि ज़रा ठहरो। देखो, यह मेरी पत्नी सफ़िय्या है। दोनों ने कहा : सुबहान अल्लाह, क्या आपके बारे में गलत सोचा जा सकता है? तो आपने उन्हें बताया कि शैतान इनसान को गुमराह करने के लिए तत्पर रहता है और उसके पास इसकी बड़ी क्षमता भी है। क्योंकि वह आदम की संतान की रगों में लहू की तरह दौड़ता है। यही कारण है कि आपको डर महसूस हुआ कि कहीं शैतान उनके दिलों में कोई ग़लत ख़याल न डाल दे।
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