अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सूरा नस्र उतरने के बाद जब भी कोई नमाज़ पढ़ी, उ…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सूरा नस्र उ…

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सूरा नस्र उ…

मुसलमानों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अनहा बयान फ़रमा रही हैं कि जब उच्च एवं महान अल्लाह ने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर {إذا جاء نصر الله والفتح} अर्थात "जब अल्लाह की मदद और विजय आ जाए" उतारा, तो आपने फ़ौरन अल्लाह के आदेश {فسبح بحمد ربك واستغفره} "तो अपने पालनहार की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करो और उससे क्षमा माँगो।" का पालन करना शुरू कर दिया। चुनांचे आप नमाज़ के अंदर रुकू और सजदे में बहुत ज़्यादा "سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ رَبَّنَا وَبِحَمدِكَ، اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي" पढ़ते थे। «سبحانك» यानी ऐ अल्लाह! मैं तेरी पाकी बयान करता हूँ और तुझको हर कमी से शुद्ध क़रार देता हूँ, जो तेरी महिमा के योग्य नहीं है। «اللهم ربنا وبحمدك» ऐ अल्लाह, हमारे पालनहार! तेरी सर्वोत्तम स्तुति एवं आराधना कि तेरी ज़ात, तेरे गुण और तेरे कर्म सभी पूर्णतम के उच्चतम स्तर पर हैं। «اللهم اغفر لي» ऐ अल्लाह! मेरे गुनाहों को मिटा दे और उन्हें क्षमा कर दे।

सीख: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सूरा नस्र उ…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ के अज़कार

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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