इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को मग़रिब की नमाज़ में सूरा-ए-तूर पढ़ते सुना।
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن جُبَيْرُ بْنُ مُطْعِم رضي الله عنه قال: «سمعت النبي صلى الله عليه وسلم يقرأ في المغرب بِالطُّور».
नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- सामान्य रुप से फ़ज्र की नमाज़ में तिलावत लंबी करते थे और मग़रिब की नमाज़ में हल्की, जबकि इनके सिवा अन्य नमाज़ों में दरमियानी तिलावत करते थे।
लेकिन कभी-कभी यह बताने के लिए ऐसा अनिवार्य नहीं है, इस आदत को छोड़ भी देते थे। जैसा कि इस हदीस में आया है कि आपने मग़रिब की नमाज़ में सूरा "वत-तूर" पढ़ी, जो तिवाल-ए-मुफस्सल की सूरतों में शामिल है।
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