तुममें से जो जुमे की नमाज़ के लिए आए, वह स्नान कर ले।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: तुममें से जो जुमे की नमाज़ के लिए आए, वह स्नान कर ले।
हदीस की व्याख्या: तुममें से जो जुमे की नमाज़ के लिए आए, वह स्नान कर ले।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ज़ोर देकर फ़रमा रहे हैं कि जो व्यक्ति जुमे की नमाज़ के लिए आना चाहे, उसके लिए जनाबत के स्नान की तरह स्नान करना मुसतहब है।
सीख: तुममें से जो जुमे की नमाज़ के लिए आए, वह स्नान कर ले।
- जुमे के दिन स्नान करने की ताकीद। मोमिन के लिए जुमे के दिन स्नान करना सुन्नत है। बेहतर यह है कि स्नान नमाज़ के लिए जाते समय किया जाए।
- साफ़-सुथरा रहना और खुशबू लगाना एक मुसलमान के आचरण का हिस्सा है। लोगों से मुलाक़ात करते और उनके साथ उठते-बैठते समय इसका महत्व और बढ़ जाता है। ख़ास तौर से सभाओं एवं जमातों में।
- इस हदीस में संबोधन उन लोगों से है, जिनपर जुमे की नमाज़ वाजिब है। क्योंकि वही जुमे की नमाज़ पढ़ने के लिए जाता है।
- जुमे में शामिल होने के लिए साफ़-सुथरा होकर जाना मुसतहब है। शरीर से कोई बदबू न आने पाए, इसके लिए स्नान कर ले और ख़ुशबू लगा ले। वैसे, वज़ू कर लेना भी काफ़ी है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· ग़ुस्ल
· जुमे की नमाज़
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है