इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > हे लोगों, सलाम फैलाओ (प्रचारित करो), लोगों को खाना खिलाओ, रिश्तेदारियों को जोड़ो, रात्रि म…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयजब अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मदीना आए और लोगों ने आपको देखा, तो आपकी ओर दौड़ पड़े। आपकी ओर दौड़कर जाने वालों में अब्दुल्लाह बिन सलाम भी शामिल थे। वह यहूदी थे। आपको देखकर उन्होंने पहचान लिया था कि यह किसी झूठे का चेहरा नहीं हो सकता। क्योंकि उनके चेहरे पर नूर (दिव्य प्रकाश), सुंदरता और सच्ची गरिमा झलक रही थी। इस दौरान उन्होंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से जो पहली बात सुनी, वह यह थी कि आपने लोगों को कुछ ऐसे कार्यों की प्रेरणा दी, जो जन्नत में प्रवेश का माध्यम हैं। जैसे :
1- सलाम को फैलाना, आम करना और ज़्यादा से ज़्यादा करना। जान-पहचान वाले को भी और अनजान को भी।
2- खाना खिलाना। सदक़े के रूप में हो, भेंट के रूप में और निमंत्रण के रूप में।
3- रिश्तेदारों से रिश्ता निभाना। रिश्ता पिता की ओर का हो या माता की ओर का।
4- रात के समय, जब लोग सो रहे हों, जागकर नफ़ल नमाज़ अर्थात तहज्जुद पढ़ना।
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