जाहिलियत काल के लोग साल दो साल तक के लिए 'ईला' (अपनी पत्नी के पास न जाने की क़सम खाना) किय…

इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जाहिलियत काल के लोग साल दो साल तक के लिए 'ईला' (अपनी पत्नी के पास न जाने की क़सम खाना) किय…

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बैहक़ी ने रिवायत किया है। - इसे तबरानी ने रिवायत किया है। - इसे सई़द बिन मन्सूर ने रिवायत किया है।

मुझे अल्लामा अलबानी का कोई हुक्म नहीं मिला।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: जाहिलियत काल के लोग साल दो साल तक के लिए 'ईला' (अपनी पत…

عن ابن عباس رضي الله عنهما أنه قال: «كان إيلاء أهل الجاهلية السنة والسنتين، ثم وَقَّتَ الله الإيلاء فمن كان إيلاؤُه دون أربعة أشهر فليس بإيلاء».

हदीस की व्याख्या: जाहिलियत काल के लोग साल दो साल तक के लिए 'ईला' (अपनी पत…

श्रेणियाँ : परिवार से संबंधित फ़िक़्ह · ईला (किसी व्यक्ति का यह क़सम खाना कि वह अपनी पत्नी से चार महीना या उससे अधिक समय तक संभोग नहीं करेगा) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद