मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास गया। फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के…

عن أبي رِمْثَةَ رضي الله عنه قال: انطلقت مع أبي نحو النبي صلى الله عليه وسلم ثم إن رسول الله صلى الله عليه وسلم ، قال لأبي: «ابنك هذا؟» قال: إِي ورَبِّ الكعبة، قال: «حقا؟» قال: أشهد به، قال: فتبسم رسول الله صلى الله عليه وسلم ضاحكا من ثَبْتِ شَبَهِي في أبي، ومِنْ حَلِفِ أَبِي عَلَيَّ، ثم قال: «أما إنه لا يَجْني عليك، ولا تَجْني عليه»، وقرأ رسول الله صلى الله عليه وسلم : {ولا تَزِرُ وَازِرَةٌ وِزْرَ أخرى} [الأنعام: 164].

हदीस की व्याख्या: मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के…

श्रेणियाँ : परिवार से संबंधित फ़िक़्ह · अपराध · लिआन (पति-पत्नी की ओर से अपने बारे में क़सम से साथ दी गई ऐसी गवाहियाँ, जिनमें पति की ओर से लानत तथा पत्नी की ओर से अल्लाह के क्रोध की बद-दुआ हो) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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