मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के दो सहाबी ऐसे हैं जो नेकी के काम में कोताही नहीं करते…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के दो सहाबी ऐसे हैं…

عن أبي عطية، قال: دخلت أنا ومسروق على عائشة رضي الله عنها ، فقالَ لها مسروقٌ: رجلانِ من أصحابِ محمدٍ صلى الله عليه وسلم كِلاَهُمَا لا يَألُو عَنِ الخَيْرِ؛ أحَدُهُمَا يُعَجِّلُ المَغْرِبَ وَالإفْطَارَ، وَالآخر يؤخِّر المغرب وَالإفْطَارَ؟ فَقَالَتْ: مَنْ يُعَجِّلُ المَغْرِبَ وَالإفْطَار؟ قالَ: عبدُ اللهِ -يعني: ابن مسعود- فقالتْ: هَكذا كانَ رسولُ اللهِ يَصْنَعُ.

हदीस की व्याख्या: मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के दो सहाबी ऐसे हैं…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · रोज़े · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · रोज़े की सुन्नतें

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद