दो अलग-अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे के वारिस नहीं बन सकते।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
ह़सन
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: दो अलग-अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे के वारिस नहीं बन सकते…
عن عبد الله بن عمرو رضي الله عنهما قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «لا يَتَوَارَثُ أهل مِلَّتَيْنِ شتّى».
हदीस की व्याख्या: दो अलग-अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे के वारिस नहीं बन सकते…
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फ़राइज़ (इस्लामी उत्तराधिकार शास्त्र)
· मीरास से वंचित करने वाली वस्तुएँ
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
حسبنا الله ونعم الوكيل
अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है