अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो सजदों के बीच यह दुआ पढ़ा करते थे : "رَبِّ اغْفِر…

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, नसई, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो सजदों के बीच…

عن حُذَيْفَةَ رضي الله عنه: أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقُولُ بَيْنَ السَّجْدَتَيْنِ: «رَبِّ اغْفِرْ لِي، رَبِّ اغْفِرْ لِي».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो सजदों के बीच…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब दो सजदों के बीच बैठते, तो इस दुआ को पढ़ते और बार-बार दोहराते : "رَبِّ اغْفِرْ لِي، رَبِّ اغْفِرْ لِي" (ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे। ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे।)

"رَبِّ اغْفِرْ لِي" इसके द्वारा बंदा अपने रब से इस बात का आग्रह करता है कि उसके गुनाह मिटा दे और उसकी कमियों पर पर्दा डाल दे।

सीख: अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो सजदों के बीच…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ का तरीक़ा

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حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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