मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा है कि आपने पेशाब किया, फिर वज़ू किया…
इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा है कि आपने पेशाब किया, फिर वज़ू किया…
हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समय
हदीस का पाठ: मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा ह…
हदीस की व्याख्या: मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा ह…
जरीर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु ने पेशाब किया, फिर वज़ू किया और अपने पैरों को धोने के बजाय अपने मोज़ों पर मसह कर लिया। अतः उनके आस-पास के लोगों ने उनसे पूछा : आप ऐसा करते हैं?! उन्होंने उत्तर दिया : हाँ, मैंने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा है कि आपने पेशाब किया, फिर वज़ू किया और अपने मोज़ों पर मसह कर लिया। जरीर (रज़ियल्लाहु अन्हु) आख़िर दौर में सूरा माइदा के नाज़िल होने के बाद इस्लाम लाए थे, जिसमें वज़ू की आयत है, जिससे इस बात का संकेत मिलता है कि मोज़ों पर मसह करना उस आयत से मंसूख़ नहीं हुआ है।
सीख: मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को देखा ह…
- सहाबा और ताबेईन अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत के अनुसरण के प्रति बड़े सजग थे।
- नववी कहते हैं : विश्वसनीय विद्वानों की इस बात पर सर्वसम्मति है कि सफ़र और घर, दोनों ही स्थितियों में चमड़े के मोज़ों पर मसह करना जायज़ है, चाहे इसकी कोई ज़रूरत हो या न हो। यहाँ तक कि यह उस महिला के लिए भी जायज़ है जो हर समय घर में रहती हो और उस अपाहिज व्यक्ति के लिए भी जो चल-फिर न सकता हो।
- जरीर बिन अब्दुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु की फ़ज़ीलत कि वह बड़े सहनशील थे, अपने छात्रों की आपत्तियों को धैर्य से सुनते थे, भले ही वे इस मामले में ग़लती पर होते।
- मोज़ों पर मसह का इनकार करने और उसे निरस्त बताने वालों का खंडन; क्योंकि जरीर रज़ियल्लाहु अन्हु की हदीस वज़ू की आयत के बाद की है।
- इस बात का बयान कि जिस व्यक्ति की किसी बात का खंडन किया जाए, और वह उसे सही मानता हो, तो उसके लिए उचित है कि वह उस व्यक्ति पर क्रोधित न हो जो अपनी धारणा के अनुसार उसका खंडन करता और उससे चर्चा करता है, अपितु वह उत्तम रीति से उसके सामने अपनी दलील स्पष्ट कर दे।
- आवश्यकता पड़ने पर इतिहास से दलील लेना।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· मोज़ों आदि पर मसह
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
الله أكبر
अल्लाह सबसे महान है