जब नमाज़ खड़ी हो जाए, तो फ़र्ज़ नमाज़ के सिवा कोई नमाज़ ही नहीं।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जब नमाज़ खड़ी हो जाए, तो फ़र्ज़ नमाज़ के सिवा कोई नमाज़…
हदीस की व्याख्या: जब नमाज़ खड़ी हो जाए, तो फ़र्ज़ नमाज़ के सिवा कोई नमाज़…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मस्जिद में फ़र्ज़ नमाज़ की इक़ामत हो जाने के बाद नफ़ल नमाज़ शुरू करने से मना किया है।
सीख: जब नमाज़ खड़ी हो जाए, तो फ़र्ज़ नमाज़ के सिवा कोई नमाज़…
- फ़र्ज़ नमाज़ के लिए इक़ामत हो जाने पर मस्जिद में नफ़ल नमाज़ पढ़ने की मनाही।
- नमाज़ की इक़ामत के बाद नफ़ल नमाज़ शुरू करने से मना किया गया है, चाहे वह सुन्नत-ए-रातिबा हो, जैसे फ़ज्र और ज़ुह्र की सुन्नत, या कोई और सुन्नत।
- जब नमाज़ खड़ी हो जाए और आदमी नफ़ल नमाज़ में हो; तो अगर उसकी एक रकात से कम नमाज़ बची हो, तो उसे हल्की करके पूरी कर ले, वरना तोड़ दे, ताकि तकबीर-ए-तहरीमा की फ़ज़ीलत पा सके।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· नमाज़
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· जमात से पढ़ी जाने वाली नमाज़ की फ़ज़ीलत तथा अहकाम
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
اللهم صل على محمد
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