इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जिसका वज़ू नहीं, उसकी नमाज़ नहीं और जिसने वज़ू करने से पहले अल्लाह का नाम नहीं लिया, उसका …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة، قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «لا صلاةَ لِمن لا وُضوءَ له، ولا وُضوءَ لِمن لم يَذْكر اسم الله تعالى عليه».
इस हदीस में अबू हुरैरा - रज़ियल्लाहु अनहु - अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - के हवाले से बता रहे हैं कि आपने उस व्यक्ति की नमाज़ सही न होने की बात कही है, जिसने वुज़ू नहीं किया और इसी तरह उस व्यक्ति का वुज़ू सही न होने की बात कही है, जिसने वुज़ू से पहले बिस्मिल्लाह नहीं कहा। इस तरह यह हदीस इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वुज़ू करते समय अल्लाह का नाम लेना ज़रूरी है। जिसने जान-बूझकर बिस्मिल्लाह छोड़ दिया, तो उसका वुज़ू नहीं होगा। लेकिन यदि कोई वुज़ू करते समय अल्लाह का नाम लेना भूल गया या शरई आदेश से अनजान होने के कारण अल्लाह का नाम नहीं लिया, तो उसका वुज़ू सही है।
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