“जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथा तन के साथ दो रकात नमाज़ पढ़ता है,…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: “जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथ…
हदीस की व्याख्या: “जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथ…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने लोगों से बात करते हुए दो बड़ी फ़ज़ीलतें बयान की हैं :
1- जिसने सुन्नत के अनुसार संपूर्ण रूप से वज़ू किया और हर अंग तक पूरे तौर पर पानी पहुँचाया, फिर यह दुआ पढ़ी जिसका अर्थ है : "इस बात की गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के बंदे और रसूल हैं, उसके लिए जन्नत के आठों द्वार खोल दिए जाते हैं। जिस द्वार से चाहे, अंदर दाख़िल हो जाए।"
2- जिसने इस तरह संपूर्ण वज़ू किया और उसके बाद दो रकात नमाज़ पूरी तवज्जो, विशुद्धता एवं विनम्रता के साथ पढ़ी और अपने शरीर के सारे अंगों को अल्लाह के सामने झुकाया, उसके लिए जन्नत वाजिब हो जाएगी।
सीख: “जो मुसलमान अच्छी तरह वज़ू करता है, फिर खड़े होकर मन तथ…
- अल्लाह का महान अनुग्रह एवं कृपा कि वह थोड़े अमल का भी बड़ा बदला प्रदान करता है।
- अच्छी तरह और संपूर्ण रूप से वज़ू करने और उसके बाद विनम्रता के साथ दो रकात नमाज़ पढ़ने की प्रेरणा और उसके नतीजे में मिलने वाले बड़े प्रतिफल का बयान।
- अच्छी तरह वज़ू करना और उसके बाद इस ज़िक्र को पढ़ना, जन्नत में प्रवेश पाने का सबब है।
- स्नान करते समय भी यह ज़िक्र मुसतहब है।
- अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सहाबा (साथी) भलाई, जैसे ज्ञान सीखने, उसे फैलाने, इस संबंध में तथा आजीविका से संंबंधित कामों में एक-दूसरे का सहयोग करने के इच्छुक हुआ करते थे।
- जिस प्रकार वज़ू से बदन की सफ़ाई होती है और उसकी गंदगियाँ दूर होती हैं, उसी तरह वज़ू के बाद ज़िक्र से अंतरात्मा की सफ़ाई होती है और अंतरात्मा से शिर्क की गंदगी दूर होती है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· तहारत (पवित्रता प्राप्त करना)
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· वज़ू
· वज़ू की सुन्नतें तथा आदाब
بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
سبحان الله
अल्लाह की पवित्रता है