सुफ़्फ़ा वालों तथा आम सहाबा की दुनिया से निस्पृहता

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: सुफ़्फ़ा वालों तथा आम सहाबा की दुनिया से निस्पृहता

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: لَقَد رَأَيت سبعين من أهل الصُّفَّةِ، مَا مِنهُم رَجُل عَلَيه رِدَاء، إِمَّا إِزَار، وإِمَّا كِسَاء، قد رَبَطوا في أعناقِهم، فمنها ما يبلغُ نصف الساقين، ومنها ما يبلغ الكعبين، فَيَجْمَعُهُ بيده كَرَاهِيَةَ أن تُرى عورَتُه.

हदीस की व्याख्या: सुफ़्फ़ा वालों तथा आम सहाबा की दुनिया से निस्पृहता

श्रेणियाँ : दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें · सदाचारी बंदों के हालात · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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13 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद