मुसलमान को जो भी रोग, थकान, दुख, गम, कष्ट और विपत्ति पहुँचती है, यहाँ तक कि एक काँटा भी चु…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: मुसलमान को जो भी रोग, थकान, दुख, गम, कष्ट और विपत्ति पह…
हदीस की व्याख्या: मुसलमान को जो भी रोग, थकान, दुख, गम, कष्ट और विपत्ति पह…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि मुसलमान को जो भी बीमारियाँ, ग़म, दुःख, परेशानियाँ, मुसीबतें, कठिनाइयाँ, भय और आर्थिक विपत्तियाँ आती हैं, यहाँ तक कि उसे एक काँटा भी चुभता है, जो उसके लिए कष्टकारक होता है, तो यह सारी चीज़ें उसके लिए गुनाहों का कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) बन जाती हैं।
सीख: मुसलमान को जो भी रोग, थकान, दुख, गम, कष्ट और विपत्ति पह…
- बंदों पर अल्लाह का अनुग्रह एवं दया कि उनको होने वाले छोटे-छोटे कष्ट के कारण उनके गुनाहों को माफ़ कर देता है।
- मुसलमान को मुसीबतों को अल्लाह के यहाँ मिलने वाले प्रतिफल का साधन समझना और हर छोटी-बड़ी मुसीबत पर सब्र करना चाहिए, ताकि उसके दर्जे (श्रेणी) ऊँचे हों और उसके गुनाह मिटा दिए जाएँ।
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