इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > यदि मेरे पास उहुद पर्वत के बराबर सोना हो जाए तो मुझे यह अच्छा नहीं लगेगा कि उसका कुछ भी भा…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «لو كان لي مِثْلُ أحدٍ ذهبًا، لسرني أن لا تمر عليَّ ثلاث ليالٍ وعندي منه شيءٌ إلا شيء أرْصُدُهُ لِدَيْنٍ».
यदि मैं उहुद पर्वत के बराबर भी शुद्ध सोने का मालिक बन जाऊँ, तो मैं पूरे को अल्लाह के मार्ग में खर्च कर दूँगा और उसका मात्र उतना भाग ही बचाकर रखूँगा, जितने की ज़रूरत अधिकारों की अदायगी एवं कर्ज़ों को चुकाने के लिए हो।
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