मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उस…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ,…

हदीस की व्याख्या: मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ,…

एक दिन अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर बैठकर अपने साथियों से बात करने लगे। इसी दौरान आपने फ़रमाया :

मेरे बाद तुम्हारे बारे में मुझे सबसे अधिक भय इस बात का है कि पृथ्वी की नेमतों, संसार के सुख-सुविधाओं, उसके वैभव और उसके विभिन्न उपकरणों, वस्त्रों और खेतों के द्वार तुम्हारे लिए खोल दिए जाएँ, जो हैं तो नश्वर, परन्तु जिनके आधार पर लोग एक-दूसरे पर अभिमान करते हैं।

एक व्यक्ति ने कहा : सांसारिक सुख-सुविधाएँ भी तो अल्लाह का वरदान हैं। तो क्या यह नेमत अभिशाप और दण्ड में बदल जाएगी?!

उसकी बात सुन कर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ख़ामोश हो गए और लोगों को लगा कि आप नाराज़ हो गए हैं, अतः लोग उसे बुरा-भला कहने लगे।

लेकिन कुछ ही क्षणों में स्पष्ट हो गया कि आपपर वह्य उतर रही थी। चुनांचे आप अपनी पेशानी से पसीना पोंछने लगे और फ़रमाया : प्रश्न करने वाला कहाँ है?

प्रश्न करने वाले ने उत्तर दिया : मैं यहाँ हूँ।

चुनाँचे आपने अल्लाह की प्रशंसा की और उसके बाद फ़रमाया : वास्तविक भलाई तो भलाई ही लाती है। लेकिन ये सुख-सुविधाएँ विशुद्ध रूप से भलाई नहीं हैं, क्योंकि यह फ़ितना एवं प्रतिस्पर्धा का कारण बनती हैं और आख़िरत पर पूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित करने नहीं देतीं। फिर उसकी एक मिसाल बयान करते हुए फ़रमाया : बसंत ऋतु में उगने वाली हरियाली पशु को आकर्षित करती है और अतिभोजन से होने वाली बीमारी का शिकार बनाकर उसकी जान ले लेती है तथा उसे मृत्यु के करीब पहुँचा देती है। लेकिन ऐसा जानवर सुरक्षित रहता है, जो खाता है और जब उसकी दोनों कोख भर जाती हैं, तो अपना चेहरा सूरज की ओर कर लेता है, शौच या पेशाब करता है, फिर अपने पेट में मौजूद घास को अपने मुंह में लाता है, उसे चबाता है, फिर उसे निगल जाता है और फिर वापस खाने लगता है।

निस्संदेह, यह धन उस हरी और स्वादिष्ट घास के समान है, जिसे अधिक खाने से मृत्यु हो जाती है या मृत्यु निकट आ जाती है। लेकिन जब कोई व्यक्ति हलाल तरीके से प्राप्त धन के एक छोटे से हिस्से से, जो जीवन-यापन के लिए पर्याप्त हो, संतुष्ट हो जाता है, तो यह धन उसके लिए हानिकारक नहीं होता। एक मुसलमान का धन प्रशंसनीय है, जिसका कुछ हिस्सा वह गरीबों, यतीमों और मुसाफिरों को देता है। जो व्यक्ति उचित तरीक़े से धन अर्जित करता है, उसके लिए उसमें बरकत दी जाती है और जो अनुचित तरीक़े से धन अर्जित करता है, उसकी मिसाल उस व्यक्ति की तरह है, जो खा तो ले, मगर तृप्त न हो। यह धन क़यामत के दिन उसके विरुद्ध गवाही देगा।

सीख: मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ,…

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سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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