बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है।

हदीस की व्याख्या: बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है।

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कुछ ऐसी चीज़ों से मना कर रहे हैं, जो मुसलमानों के बीच अलगाव एवं दुश्मनी का कारण बनती हैं। इस तरह की कुछ चीज़ें इस प्रकार हैं :

"الظن" (अटकल एवं अनुमान) यानी दिल में आने वाला ऐसा आरोप जिसका कोई प्रमाण न हो। आपने बताया है कि यह सबसे बड़ी झूठी बातों में से एक बात है।

"التَّحَسُّس" यानी आँख या कान द्वारा लोगों की छुपी हुई बातें तलाश करना।

"التَّجَسُّس" यानी छुपी हुई बातें तलाश करना। अकसर इस शब्द का प्रयोग बुराई तलाश करने में होता है।

"الحسد" यानी दूसरे की नेमत को देखकर कुंठित होना।

"التدابر" यानी लोग एक-दूसरे से मिलें और मुंह फेरकर निकल जाएँ। न सलाम हो न मिलना हो।

"التباغض" यानी एक-दूसरे को नापसंद करना और एक-दूसरे से नफ़रत करना। मसलन दूसरों को कष्ट देना, किसी को देखकर मुँह बनाना और अच्छे से न मिलना।

अंत में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने एक ऐसी सारगर्भित बात कही, जिससे मुसलमानों के आपसी संबंध बेहतर हो सकते हैं। फ़रमाया : "अल्लाह के बंदो! भाई-भाई बनकर रहो।" दरअसल भाईचारा एक ऐसा संबंध है, जिससे लोगों के संंबंध बेहतर हो सकते हैं और प्यार-मोहब्बत में वृद्धि हो सकती है।

सीख: बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है।

श्रेणियाँ : सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह · कुत्सित आचरण · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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