सदाचारी बंदों के हालात पर हदीसें

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«सदाचारी बंदों के हालात» पर 14 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

सदाचारी बंदों के हालात पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ मैं तुमसे केवल अल्लाह के लिए मोहब्बत करता हूँ। तो उसने कहाः वह भी तुमसे मोहब्बत करे, जिसके लिए तुम्हें मुझसे मोहब्बत है। ह़सन अल्लाह तआला के सम्मान में यह बात भी सम्मिलित है कि सफ़ेद बाल वाले मुसलमान का तथा उस कुरवान वाले का, जो न उसमें अतिशयोक्ति करता हो और न उससे बेवफ़ाई कर स़ह़ीह़ अच्छे और बुरे साथी की मिसाल ऐसी है, जैसे कस्तूरी वाला और आग की भट्टी धौंकने वाला। सह़ीह़ मैं तेरे पास अल्लाह का संदेश लेकर आया हूँ कि अल्लाह तुमसे मुहब्बत करता है, जैसे तुम अल्लाह के लिए उससे मुहब्बत रखते हो। सह़ीह़ अल्लाह तआला ने फ़रमायाः "मेरी मोहब्बत उन लोगों के लिए वाजिब हो गई, जो मेरे लिए आपस में एक-दूसरे से मोहब्बत करते हैं, मेरे लिए एक-दूसरे के साथ बैठते है स़ह़ीह़ तुम्हारे कमज़ोर लोगों के कारण ही तुम्हारी सहायता की जाती है और तुम्हें रोज़ी दी जाती है। सह़ीह़ अल्लाह तआला ने कहाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वालों के लिए नूर के मिंबर होंगे तथा उनपर नबी एवं शहीद भी रश्क करेंगे। सह़ीह़ सुफ़्फ़ा वालों तथा आम सहाबा की दुनिया से निस्पृहता सह़ीह़ हमें दुनिया की वह सारी वस्तुएँ प्रदान की गईं, जो तुम देख रहे हो। हमें तो कभी-कभी भय लगता है कि कहीं हमारे अच्छे कर्मों का बदला दुनिया ही में न दे दिया सह़ीह़ तुमसे पूर्व के समुदायों में कुछ लोग ऐसे होते थे, जिन्हें इलहाम होता था। यदि मेरी उम्मत में कोई ऐसा है, तो वह उमर हैं। स़ह़ीह़ क़यामत उस समय तक क़ायम नहीं होगी, जब तक इस तरह की हालत पैदा न हो जाए कि एक व्यक्ति किसी की क़ब्र के पास से गुज़रे और कहे कि काश! इसके स्थान पर मैं होत ह़सन {ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ} स़ह़ीह़ इस्लाम की शुरूआत एक अजनबी धर्म के रूप में हुई और शीघ्र ही वह पहले के समान अजनबी बन जाएगा। ऐसे में, शुभ सूचना है अजनबियों के लिए। सह़ीह़ वह ज़माना क़रीब है, जब मुसलमान का बेहतरीन माल बकरियाँ होंगी, जिनको लेकर वह पहाड़ों की चोटियों की ओर निकल जाएगा।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद