नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जुमा के दिन फ़ज्र की नमाज़ में "الم تَنْزِيلُ السَّجْدَةَ" …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जुमा के दिन फ़ज्र की नमा…

عن أبي هُرَيْرة رضي الله عنه قال: «كان النبي صلى الله عليه وسلم يَقْرأ فِي صلاة الفجر يَومَ الجُمُعَةِ: الم تَنْزِيلُ السَّجْدَةَ وهَلْ أتى على الإنسَان».

हदीस की व्याख्या: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जुमा के दिन फ़ज्र की नमा…

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जुमा के दिन फ़ज्र की नमाज़ में पहली रकात में सुरा फ़ातिहा के बाद पूरी सूरा सजदा और दूसरी रकात में पूरी सूरा इनसान पढ़ा करते थे। इन दोनों सूरतों को पढ़ने का उद्देश्य इनके अंदर बयान की गई उन महत्वपूर्ण घटनाओं को याद दिलाना होता था, जो या तो इस दिन घटित हुई हैं या फिर घटित होने वाली हैं। जैसे आदम -अलैहिस्सलाम- को पैदा करना, सृष्टियों को दोबारा जीवित करके उठाना, सारे इनसानों को एकत्र करना और क़यामत के दिन के हालात आदि।

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद