कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वह इस प्रकार की बात करने लगे हैं। मैं तो नमाज़ भी पढ़ता हूँ…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वह इस प्रकार की बात करने…

हदीस की व्याख्या: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वह इस प्रकार की बात करने…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के कुछ सहाबा आपकी पत्नियों के घरों तक आए। उनका उद्देश्य यह जानना था कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- घर के अंदर किस तरह इबादत करते हैं। जब उनको आपकी इबादत के बारे में बताया गया, तो गोया उन्होंने उसे कम समझा और कहने लगे : कहाँ अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- और कहाँ हम? आपके तो अगले एवं पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए गए हैं। इसके विपरीत जिसे मालूम न हो कि उसे क्षमा किया जाएगा या नहीं, उसे ज़्यादा से ज़्यादा इबादत की ज़रूरत है, इस उम्मीद में कि क्षमा प्राप्त हो जाए। उसके बाद उनमें से किसी ने कहा : मैं शादी नहीं करूँगा। किसी ने कहा : मैं मांस नहीं खाऊँगा। जबकि किसी ने कहा : मैं बिस्तर पर नहीं सोऊँगा। इसकी सूचना जब अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को मिली, तो आपने नाराज़गी व्यक्त की। लोगोंं को संबोधित किया। अल्लाह की प्रशंसा की और फ़रमाया : कुछ लोगों को क्या हो गया है कि इस और इस प्रकार की बात कर रहे हैं? अल्लाह की क़सम, तुम्हारे बीच अल्लाह से सबसे अधिक डरने वाला और उसका सबसे अधिक भय रखने वाला व्यक्ति मैं हूँ। लेकिन इसके बावजूद मैं सोता हूँ, ताकि पूरी चुस्ती के साथ तहज्जुद की नमाज़ पढ़ सकूँ, रोज़े के बिना रहता हूँ, ताकि रोज़े की शक्ति प्राप्त कर सकूँ और औरतों से शादी भी करता हूँ। अतः जिसने मेरे तरीक़े से मुँह मोड़ा, किसी और तरीक़े को संपूर्ण जाना और उसपर अमल किया, वह मुझमें से नहीं है।

सीख: कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वह इस प्रकार की बात करने…

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के गुण तथा आचरण · नबवी तरीक़ा · सीरत एवं इतिहास

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اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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