जब कोई बंदा मुझपर सलाम पढ़ता है, अल्लाह मुझे मेरी आत्मा लौटा देता है, ताकि मैं उसे सलाम का…

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद और अह़मद ने रिवायत किया है

इसकी सनद ह़सन है

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब कोई बंदा मुझपर सलाम पढ़ता है, अल्लाह मुझे मेरी आत्मा…

हदीस की व्याख्या: जब कोई बंदा मुझपर सलाम पढ़ता है, अल्लाह मुझे मेरी आत्मा…

अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- बता रहे हैं कि सलाम करने वाले को उसके सलाम का जवाब देने के लिए आपकी आत्मा को आपके शरीर में लौटा दिया जाता है। इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि सलाम करने वाला दूर है कि निकट। याद रहे कि बर्ज़ख़ एवं क़ब्र के जीवन का संबंध ग़ैब की दुनिया से है, जिसकी हक़ीक़त उस अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता, जो हर चीज़ की क्षमता रखता है।

सीख: जब कोई बंदा मुझपर सलाम पढ़ता है, अल्लाह मुझे मेरी आत्मा…

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · सीरत एवं इतिहास · नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की विशेषताएँ

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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