मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला हूँ।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला…

हदीस की व्याख्या: मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला…

मोमिनों की माता आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा बताती हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब लोगों को किसी काम का आदेश देते, तो उन्हें मुश्किल कामों के बजाय आसान कामों का आदेश देते थे, इस डर से कि कहीं वे उसे हमेशा जारी रखने में असमर्थ न हो जाएँ। और आप स्वयं भी उसी आसानी पर अमल करते थे, जिसका उन्हें आदेश देते थे। लेकिन उन्होंने आपसे मुश्किल कामों का तक़ाज़ा किया, क्योंकि उनका मानना था कि उन्हें, आपके विपरीत, अपने दर्जे बुलंद करने के लिए अमल में ज़्यादा सख्ती अपनाने की ज़रूरत है। तो वे कहते हैं : "ऐ अल्लाह के रसूल! हमारी दशा आपकी तरह नहीं है, क्योंकि अल्लाह ने आपके अगले-पिछले सारे गुनाह क्षमा कर दिए हैं।" यह सुनकर आप क्रोधित हो जाते हैं, यहाँ तक कि आपके चेहरे पर क्रोध के भाव स्पष्ट दिखने लगे। फिर आप कहते हैंः "निश्चय ही, तुममें सबसे अधिक अल्लाह से डरने वाला और अल्लाह को सबसे अधिक जानने वाला मैं हूँ। अतः, मैं तुम्हें जो आदेश दूँ, उसका पालन करो।

सीख: मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला…

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
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13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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