जब सदक़े का महत्व बयान करने वाली आयत उतरी तो हम अपनी पीठ पर बोझ उठाते (और उससे प्राप्त मज़…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब सदक़े का महत्व बयान करने वाली आयत उतरी तो हम अपनी पी…

عن أبي مسعود عقبة بن عمرو الأنصاري البدري رضي الله عنه قال: لما نزلت آية الصدقة كنَّا نُحَامِلُ على ظُهُورِنَا، فجاء رجل فتصدق بشيء كثير، فقالوا: مُراءٍ، وجاء رجل آخر فتصدق بصاع، فقالوا: إن الله لَغَنيٌّ عن صاع هذا!؛ فنزلت: (الذين يلمزون المطوعين من المؤمنين في الصدقات والذين لا يجدون إلا جهدهم).

हदीस की व्याख्या: जब सदक़े का महत्व बयान करने वाली आयत उतरी तो हम अपनी पी…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम · निफ़ाक़ (अंदर कुफ़्र छुपाए रखना और बाहर ईमान का दिखावा करना)

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद