इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > जब अल्लाह ने जन्नत एवं जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील अलैहिस्सलाम
ह़सन27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رضي الله عنه عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «لَمَّا خَلَقَ اللَّهُ الْجَنَّةَ وَالنَّارَ أَرْسَلَ جِبْرِيلَ عَلَيْهِ السَّلَامُ إِلَى الْجَنَّةِ، فَقَالَ: انْظُرْ إِلَيْهَا وَإِلَى مَا أَعْدَدْتُ لِأَهْلِهَا فِيهَا. فَنَظَرَ إِلَيْهَا فَرَجَعَ، فَقَالَ: وَعِزَّتِكَ لَا يَسْمَعُ بِهَا أَحَدٌ إِلَّا دَخَلَهَا. فَأَمَرَ بِهَا فَحُفَّتْ بِالْمَكَارِهِ، فَقَالَ: اذْهَبْ إِلَيْهَا فَانْظُرْ إِلَيْهَا وَإِلَى مَا أَعْدَدْتُ لِأَهْلِهَا فِيهَا. فَنَظَرَ إِلَيْهَا، فَإِذَا هِيَ قَدْ حُفَّتْ بِالْمَكَارِهِ، فَقَالَ: وَعِزَّتِكَ لَقَدْ خَشِيتُ أَنْ لَا يَدْخُلَهَا أَحَدٌ. قَالَ: اذْهَبْ فَانْظُرْ إِلَى النَّارِ وَإِلَى مَا أَعْدَدْتُ لِأَهْلِهَا فِيهَا. فَنَظَرَ إِلَيْهَا فَإِذَا هِيَ يَرْكَبُ بَعْضُهَا بَعْضًا، فَرَجَعَ فَقَالَ: وَعِزَّتِكَ لَا يَدْخُلُهَا أَحَدٌ. فَأَمَرَ بِهَا فَحُفَّتْ بِالشَّهَوَاتِ، فَقَالَ: ارْجِعْ فَانْظُرْ إِلَيْهَا. فَنَظَرَ إِلَيْهَا فَإِذَا هِيَ قَدْ حُفَّتْ بِالشَّهَوَاتِ، فَرَجَعَ وَقَالَ: وَعِزَّتِكَ لَقَدْ خَشِيتُ أَنْ لَا يَنْجُوَ مِنْهَا أَحَدٌ إِلَّا دَخَلَهَا».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जब अल्लाह ने जन्नत एवं जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील अलैहिस्सलाम से कहा : जाओ और जन्नत को देखो। चुनांचे उन्होंने जाकर जन्नत को देखा, वापस आए और कहने लगे : ऐ मेरे रब! तेरी प्रतिष्ठा की क़सम, जन्नत तथा उसके अंदर मौजूद नेमतों एवं आनंददायी चीज़ों के बारे में जो भी सुनेगा, वह उसमें दाख़िल होना चाहेगा और इसके लिए काम करेगा। फिर अल्लाह ने जन्नत को अप्रिय एवं कठनि चीज़ों, जैसे आदेशों का पालन करना एवं मना की हुई चीज़ों से दूर रहना आदि से घेर दिया और यह अनिवार्य कर दिया कि जन्नत में प्रवेश करने की इच्छा रखने वाले को इन चीज़ों से गुज़रना होगा। उसके बाद अल्लाह ने कहा : ऐ जिबरील! जाओ और अब जन्नत को देखो। चुनांचे जिबरील गए, सब कुछ देखा और वापस आकर कहा कि ऐ मेरे रब ! तेरी प्रतिष्ठा की क़सम, मुझे जन्नत में प्रवेश के रास्ते में आने वाली कठिनाइयों तथा परेशानियों को देखकर ऐसा लगता है कि उसके अंदर कोई प्रवेश ही नहीं कर सकेगा। इसी तरह जब अल्लाह ने जहन्नम को पैदा किया, तो जिबरील से कहा : जाओ और उसे देखो। चुनांचे वह गए, उसे देखा और फिर वापस आकर कहा कि ऐ मेरे रब! तेरी प्रतिष्ठा की क़सम, जहन्नम की जो यातनाएँ, सज़ाएँ، पीड़ा तथा दुःख हैं, उनके बारे में जो भी सुनेगा, वह उसमें जाने से बचना चाहेगा और उसकी ओर ले जाने वाली चीज़ों से दूर रहेगा। इसके बाद अल्लाह ने जहन्नम को चारों तरफ़ से घर दिया और उसकी ओर पहुँचने वाले रास्ते को ख़्वाहिशों एवं मन मोहक चीज़ों से भर दिया और फिर जिबरील से कहा अब उसे जाकर देखो। चुनांचे जिबरील गए, देखा और उसके बाद वापस आकर कहा कि ऐ मेरे रब! तेरी प्रतिष्ठा की क़सम, अब उसके आस-पास इतनी आकांक्षाएँ तथा मन मोहक जीज़ें रख दी गई हैं कि मुझे डर है कि कोई उसमें जाने से बच नहीं सकेगा।
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