पुल सिरात को जहन्नम के ऊपर रखा जाएगा, जिसपर ऐसे काँटे लगे होंगे, जैसे सादान पौधे में होते …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: पुल सिरात को जहन्नम के ऊपर रखा जाएगा, जिसपर ऐसे काँटे ल…

عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه مرفوعاً: «يُوضَعُ الصِّراط بين ظَهْرَي جهنم، عليه حَسَكٌ كحَسَك السَّعْدان، ثم يستجيز الناس، فناجٍ مُسَلَّم، ومَجْدوح به ثم ناجٍ، ومحتبَس به فمنكوسٌ فيها، فإذا فرغ اللهُ عز وجل من القضاءِ بين العباد، يفقد المؤمنون رجالًا كانوا معهم في الدنيا يُصلُّون بصلاتهم، ويُزَكُّون بزكاتهم، ويصومون صيامهم، ويحجُّون حجَّهم ويغزون غزوَهم فيقولون: أي ربنا عبادٌ من عبادك كانوا معنا في الدنيا يُصلُّون صلاتنا، ويُزَكُّون زكاتنا، ويصومون صيامنا، ويحجُّون حجَّنا، ويغزون غزوَنا لا نراهم، فيقول: اذهبوا إلى النار فمن وجدتم فيها منهم فأخرجوه، قال: فيجدونهم قد أخذتهم النارُ على قَدْر أعمالهم، فمنهم مَن أخذته إلى قدميه، ومنهم مَن أخذته إلى نصف ساقيه، ومنهم مَن أخذته إلى رُكبتيه، ومنهم من أخذته إلى ثَدْيَيْه، ومنهم من أزرته، ومنهم من أخذته إلى عنقه، ولم تَغْشَ الوجوهَ، فيستخرجونهم منها فيُطرحون في ماء الحياة»، قيل: يا رسول الله وما الحياة؟ قال: «غسل أهل الجنة فينبتون نباتَ الزرعة» وقال مرة: «فيه كما تنبت الزرعة في غُثاء السَّيل، ثم يشفع الأنبياء في كلِّ من كان يشهد أن لا إله إلا الله مخلِصًا فيخرجونهم منها» قال: «ثم يتحنَّنُ اللهُ برحمته على من فيها، فما يترك فيها عبدًا في قلبه مثقالُ حبَّة من إيمان إلا أخرجه منها».

हदीस की व्याख्या: पुल सिरात को जहन्नम के ऊपर रखा जाएगा, जिसपर ऐसे काँटे ल…

क़यामत के दिन सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह जहन्नम के बीचों-बीच पुलसिरात को रख देगा। पुलसिरात पर बड़े कठोर काँटे लगे होंगे। फिर लोगों को उसके ऊपर से गुज़रने का आदेश दिया जाएगा, तो कुछ लोग उससे सही-सलामत गुज़र जाएँगे और उन्हें आग छूएगी तक नहीं, और ज़ख़्मी होकर ही सही, मगर पार निकल जाएँगे, जबकि कुछ जहन्नम में जा गिरेंगे।

जब सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह की ओर से बंदों का हिसाब लेने का काम पूरा हो जाएगा और जन्नत के हक़दार लोग जन्नत में तथा जहन्नम के हक़दार लोग जहन्नम में चले जाएँगे, तो जन्नत में जाने वाले मोमिनों को वहाँ कुछ ऐसे लोग दिखाई नहीं देंगे, जो दुनिया में उनके साथ नमाज़ पढ़ते थे, ज़कात देते थे, रोज़ा रखते थे, हज करते थे और जिहाद करते थे। अतः सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह से कहेंगे : क्या बात है कि हम जन्नत के अंदर इन लोगों को अपने साथ नहीं देखते, जबकि वे दुनिया में हमारे साथ नमाज़ पढ़ते थे, ज़कात देते थे, रोज़ा रखते थे, हज करते थे और जिहाद करते थे? अल्लाह उनसे कहेगा : तुम जहन्नम चले जाओ, यदि वहाँ तुम्हें उनमें से कोई मिले, तो उसे वहाँ से निकाल लाओ।

जब वहाँ जाएँगे, तो उनको अपने-अपने कर्म के अनुसार आग में फँसे हुए पाएँगे। किसी के दोनों क़दमों तक आग होगी, किसी की आधी पिंडली तक आग होगी, किसी के दोनों घुटनों तक आग होगी, किसी के आधे शरीर तक आग होगी, किसी की छाती तक आगी होगी और किसी की गरदन तक आग होगी। लेकिन आग किसी के चेहरे तक नहीं पहुँचेगी। तब यह लोग उनके बारे में सिफ़ारिश करेंगे। अतः उन्हें जहन्नम से निकाला जाएगा और उस जीवनदायी पानी में डाला जाएगा, जिसमें डुबकी लगाने वाला जीवित हो जाता है। अतः वे उसी तरह उग उठेंगे, जैसे उस स्थान में पौधे उग आते हैं, जहाँ से सैलाब गुज़रा हो।

फिर नबीगण, हर उस व्यक्ति के बारे में, जो सच्चे दिल से अल्लाह के अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य न होने की गवाही देता था, सिफारिश करेंगे। अतः इस प्रकार के लोगों को भी जहन्नम से निकाल लिया जाएगा। फिर जहन्नम में मौजूद लोगों पर अल्लाह की दया होगी और वह जहन्नम से हर उस व्यक्ति को निकाल बाहर करेगा, जिसके दिल में कण भर भी ईमान होगा।

श्रेणियाँ : दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें · अक़ीदा · जन्नत तथा जहन्नम की विशेषताएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब · अंतिम दिवस पर ईमान · आख़िरत (परलोक) का जीवन

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निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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