जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़े, वह हममें से नहीं है

इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़े, वह हममें से नहीं है

हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़…

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «من خَبَّبَ زوجة امْرِئٍ أو مَمْلُوكَهُ فليس مِنَّا».

हदीस की व्याख्या: जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़…

जो पुरुष अथवा स्त्री किसी की पत्नी को उसके खिलाफ़ भड़काए और इस काम के लिए उसके सामने उसके पति की बुराइयाँ और कुव्यवहार का बखान कुछ इस तरह करे कि वह अपने पति से घृणा करने लगे, उसकी अवज्ञा करने लगे और खुला एवं तलाक लेकर उससे अलग होने का प्रयास करने लगे, या फिर किसी के दास को उसके मालिक के खिलाफ़ इस तरह भड़का दे और उसके साथ कुछ ऐसे कार्य करे कि वह उसके विरुद्ध विद्रोह कर बैठे और उसके साथ बुरा व्यवहार करने लगे, इस हदीस में उसके बारे में यह बड़ी चेतावनी दी गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि यह महा पाप है और धमकी तथा चेतावनी के योग्य है।

श्रेणियाँ : सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह · कुत्सित आचरण · अक़ीदा · फ़ज़ीलतें तथा आदाब · अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम · फ़िस्क़ (किसी मुसलमान का कोई बड़ा गुनाह करना या छोटे गुनाह पर अड़ा रहना एवं तौबा न करना)

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद