अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने औरत का वस्त्र पहनने वाले मर्द पर और मर्द का व…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसई ने अल-सुनन अल-कुबरा में तथा इब्न-ए-माजह ने समान अर्थ में एवं अह़मद ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने औरत का वस्…
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने औरत का वस्…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर ऐसे पुरुष के लिए अल्लाह की दया से धुतकारे और दूर कर दिए जाने की बद-दुआ की है, जो महिलाओं के साथ विशेष वस्त्रों को पहनने में उनकी मुशाबहत अपनाए। यह मुशाबहत चाहे कपड़े की बनावट में हो, रंग में हो, तरीक़े में हो या पहनने और शृंगार के तरीक़े आदि में हो। इसी तरह आपने हर ऐसी महिला के लिए अल्लाह की दया से दूर कर दिए जाने की बद-दुआ की है, जो पुरुषों के विशेष वस्त्र पहनकर उनकी मुशाबहत अपनाए। यह दरअसल बड़ा गुनाह है।
सीख: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने औरत का वस्…
- शौकानी कहते हैं : महिला के लिए पुरुष की और पुरुष के लिए महिला की मुशाबहत हराम है। क्योंकि लानत किसी हराम काम पर ही की जाती है।
- इब्न-ए-उसैमीन कहते हैं : ऐसे कपड़े पहनने में कोई बुराई नहीं है जो पुरुष और महिलाएँ दोनों पहनते हैं, जैसे कि टी-शर्ट जो पुरुष और महिलाएँ दोनों पहनते हैं। यानी, पुरुष और महिलाएँ दोनों इन्हें पहन सकते हैं क्योंकि ये आम हैं।
श्रेणियाँ :
वर्जित समरूपता
· परिवार से संबंधित फ़िक़्ह
· वस्त्र तथा शोभा
· अक़ीदा
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· अल-वला तथा अल-बरा (मैत्री तथा अलगाव का सिद्धांत)
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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