उसे देखो, जो तुमसे नीचे है तथा उसे न देखो, जो तुमसे ऊपर है। क्योंकि इससे इस बात की संभावना…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: उसे देखो, जो तुमसे नीचे है तथा उसे न देखो, जो तुमसे ऊपर…
हदीस की व्याख्या: उसे देखो, जो तुमसे नीचे है तथा उसे न देखो, जो तुमसे ऊपर…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने आदेश दिया है कि सांसारिक मामलों, जैसे पद, धन तथा यश आदि में, अपने से कमतर लोगों की ओर देखना चाहिए और श्रेष्ठ लोगों की ओर देखने से मना किया है। क्योंकि इन मामलों में श्रेष्ठ लोगों की ओर देखने से संभव है कि व्यक्ति अल्लाह की नेमतों को कम समझने लगे।
सीख: उसे देखो, जो तुमसे नीचे है तथा उसे न देखो, जो तुमसे ऊपर…
- संतुष्टि मोमिन की एक बहुत बड़ी विशेषता है, जो अल्लाह की लिखी तक़दीर से मुत्मइन होने की निशानी है।
- इब्न-ए-जरीर कहते हैं : इस हदीस में कई अच्छी बातें कही गई हैं। क्योंकि जब कोई व्यक्ति सांसारिक दृष्टि से अपने से श्रेष्ठ लोगों को देखता रहता है, तो उसके मन में ऐसी नेमतों की लालसा उत्पन्न हो जाती है, और उसकी आत्मा अल्लाह की उन नेमतों को कम आँकने लगती है जो उसे प्राप्त हैं। ऐसे में वह अधिक से अधिक दुनिया प्राप्त करना चाहता है, ताकि उनके साथ या उनके पास खड़ा हो सके। यही बात अधिकतर लोगों के अंदर पाई जाती है। लेकिन जब वह इसके विपरीत सांसारिक दृष्टि से अपने से कमतर लोगों को देखता है, तो उसे अपने पास मौजूद नेमतों का महत्व समझ में आता है। अतः उनका शुक्र अदा करता है, विनम्र रहता है और उनका उपयोग अच्छे कामों में करता है।
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بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है