अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम पर हदीसें

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«अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम» पर 84 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम पर हदीसों की सूची

स़ह़ीह़ और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ। स़ह़ीह़ यहूदी वह लोग हैं, जिनपर अल्लाह का प्रकोप हुआ और ईसाई वह लोग हैं, जो गुमराह हैं। स़ह़ीह़ आप ला इलाहा इल्लल्लाह कह दें, मैं क़यामत के दिन आपके लिए इसकी गवाही दूँगा स़ह़ीह़ आप जो कुछ कह रहे हैं और जिस बात का आह्वान कर रहे हैं, वह अच्छी है। अगर आप हमें बता दें कि हमने जो पाप किए हैं, उनका कोई प्रायश्चित भी है, (तो बेहतर हो स़ह़ीह़ आदमी के बीच तथा कुफ़्र एवं शिर्क के बीच की रेखा नमाज़ छोड़ना है। स़ह़ीह़ वह वचन, जो हमारे और उनके बीच है, नमाज़ है। जिसने इसे छोड़ दिया, उसने कुफ़्र किया। स़ह़ीह़ उस व्यक्ति ने ईमान का मज़ा चख लिया, जो संतुष्ट हुआ अल्लाह से रब (उत्पत्तिकार, स्वामी, प्रबंधक) के तौर पर, इस्लाम से धर्म तथा मुहम्मद से संदेशवाहक के त स़ह़ीह़ चार बातें जिस व्यक्ति के अंदर होंगी, वह शुद्ध मुनाफ़िक़ होगा। जिसके अंदर इनमें से एक बात होगी, उसके अंदर उसे छोड़ देने तक निफ़ाक़ की एक बात होगी। जब ब स़ह़ीह़ हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ थे और हम वयस्क होने ही वाले थे। हमने क़ुरआन सीखने से पहले ईमान सीखा और उसके बाद क़ुरआन सीखा, तो इससे हमारा ईमान स़ह़ीह़ जो हमारी नमाज़ की तरह नमाज़ पढ़े और हमारे क़िबले की तरफ मुंह करे और हमारा क़ुर्बान किया हुआ जानवर खाए तो वह ऐसा मुसलमान है, जिसे अल्लाह और उसके रसूल स स़ह़ीह़ आख़िरी ज़माने में ऐसे लोग पैदा हो जाएँगे, जो कम उम्र और मानसिक रूप से अपरिपक्व होंगे। अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की अच्छी बात कहेंगे। इ स़ह़ीह़ जिस व्यक्ति ने अपने भाई से 'ऐ काफ़िर' कहा, उसके द्वारा प्रयोग किए गए इस शब्द का हक़दार उन दोनों में से एक बन गया। अगर उसकी बात सही है, तो ठीक है। अगर स़ह़ीह़ इस्लाम की बुनियाद पाँच चीज़ों पर क़ायम है स़ह़ीह़ जिसने हमारे इस धर्म में कोई ऐसी चीज़ पैदा की, जो धर्म का भाग नहीं है, तो वह अमान्य एवं अस्वीकृत है स़ह़ीह़ आपका क्या ख़याल है कि अगर मैं फ़र्ज़ नमाज़ें पढ़ूँ, रमज़ान के रोज़े रखूँ और हलाल को हलाल जानूँ स़ह़ीह़ तुमने एक बहुत बड़ी चीज़ के बारे में पूछा है, परन्तु जिसके लिए अल्लाह तआला आसान कर दे, उसके लिए यह निश्चय ही आसान है इमाम नववी कहते हैं : यह ह़दीस़ स़ह़ीह़ है। तुममें से कोई उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक उसकी इच्छाएँ मेरी लाई हुई शरीयत की अधीन न हो जाएँ। स़ह़ीह़ चार बातें जिस व्यक्ति के अंदर होंगी, वह शुद्ध मुनाफ़िक़ होगा। जिसके अंदर इनमें से एक बात होगी, उसके अंदर उसे छोड़ देने तक निफ़ाक़ की एक बात होगी। जब ब सह़ीह़ हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सह़ीह़ (क़यामत के दिन) हमारा रब अपनी पिंडली खोलेगा, तो सभी मोमिन मर्द और औरतें सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन, हर वह व्यक्ति ख़ड़ा रह जाएगा, जो दुनिया में दिखाव स़ह़ीह़ कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति पर फ़ासिक़ होने का लांछन न लगाए। काफ़िर होने का लांछन भी न लगाए। क्योंकि अगर वह ऐसा न हुआ, तो यह लांछन उसी की ओर लौट आएगा। सह़ीह़ जो किसी दूसरे की पत्नी अथवा दासी को धोका दे अथवा बिगाड़े, वह हममें से नहीं है स़ह़ीह़ यह सच्ची बात वह होती है, जिसे जिन्न उचक लेता है और उसे अपने इंसान दोस्त के कान में ऐसी आवाज़ में डाल देता है, जो मुर्गी के कुड़कुड़ाने जैसी होती है, फ स़ह़ीह़ जिसने अमानत की क़सम खाई, वह हममें से नहीं है।
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.1 / 29.5
रोशनी 94%
12 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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