इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > निश्चय ही अल्लाह अत्याचारी को छूट देता रहता है और जब पकड़ता है, तो छोड़ता नहीं है
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي موسى رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «إِنَّ اللهَ لَيُمْلِي لِلظَّالِمِ، حَتَّى إِذَا أَخَذَهُ لَمْ يُفْلِتْهُ» قَالَ: ثُمَّ قَرَأَ: «{وَكَذَلِكَ أَخْذُ رَبِّكَ إِذَا أَخَذَ الْقُرَى وَهِيَ ظَالِمَةٌ إِنَّ أَخْذَهُ أَلِيمٌ شَدِيدٌ}[هود: 102]»
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम गुनाह तथा शिर्क एवं लोगों के अधिकारों के हनन के रूप में अत्याचार के मार्ग में आगे बढ़ते जाने से सावधान कर रहे हैं। क्योंकि अल्लाह अत्याचारी को मोहलत तथा ढील देता है और उसकी आयु तथा धन में वृद्धि करता जाता है। उसे फ़ौरन दंड नहीं दे देता। ऐसे में अगर वह तौबा नहीं करता, तो उसे पकड़ लेता है और छोड़ता नहीं है। क्योंकि उसके गुनाह बहुत ज़्यादा हो चुके होते हैं।
फिर अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह आयत पढ़ी : {इसी प्रकार तुम्हारे रब की पकड़ होती है जब वह अत्याचरी बस्ती को पकड़ता है, और निश्चय ही उसकी पकड़ बहुत सख़्त व दुखद है।} [सूरा हूद : 102]
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