इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > रहिम (रिश्ता) रहमान के 'हुजज़ा' (तहबंद बाँधने के स्थान) को पकड़े हुआ है। जो उसे जोड़ेगा, र…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن ابن عباس رضي الله عنهما مرفوعاً: «إنَّ الرَّحِمَ شِجْنَةٌ آخذةٌ بحُجْزَةِ الرَّحمنِ، يَصِلُ مَن وَصَلَها، ويقطعُ مَن قَطَعَها».
रहिम' यानी खूनी रिश्ते का सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह से संबंध है। क्योंकि उसका नाम अल्लाह के नाम 'रहमान' से लिया गया है। मूल रूप से यह हदीस अल्लाह के गुणों वाली हदीसों में से एक है, जिनके बारे में विद्वानों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें उसी तरह मान लिया जाना चाहिए, जिस तरह वह आई हुई हैं। उन्होंने इन हदीसों के आशय का इनकार करने वालों का खंडन भी किया है। 'हुजज़ा' यानी तहबंद बाँधने की जगह भी अल्लाह के उन गुणों में से एक है, जिनपर विश्वास रखना वाजिब है और उनके अर्थ के साथ छेड़छाड़, इस संदर्भ में प्रयुक्त शब्द को अर्थविहीन बनाना, उनकी कैफ़ियत बयान करना और उपमा देना जायज़ नहीं है। हम इस बात पर ईमान रखेंगे कि रहिम यानी खूनी रिश्ता रहमान के हुजज़ा को पकड़े हुए है और अल्लाह उसे जोड़ता है जो खूनी रिश्ता जोड़े और उसे काटता है जो यह रिश्ता काटे। फिर जिसे अल्लाह काट दे, वह कटा हुआ और अल्लाह के दुश्मन शैतान के साथ होता है, जिसे सारी सृष्टि भी जोड़ना तथा लाभान्वित करना चाहे, तो उसका कुछ भला होने वाला नहीं है।
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