नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) सवार होकर एवं पैदल चलकर क़ुबा जाते और वहाँ दो रकात नमाज़ पढ…

इस्लाम > Hi > हदीस > सरत एव इतहस > नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) सवार होकर एवं पैदल चलकर क़ुबा जाते और वहाँ दो रकात नमाज़ पढ…

हदीस वर्णनकर्ता: इसे दोनों रिवायतों के साथ बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) सवार होकर एवं पैदल चलकर…

عن عبد الله بن عمر رضي الله عنهما قال: كان النبي صلى الله عليه وسلم يزورُ قُبَاءَ راكبًا وماشيًا، فيُصَلِّي فيه ركعتين.
وفي رواية: كان النبي صلى الله عليه وسلم يأتي مسجد قُبَاءَ كل سَبْتٍ راكبًا وماشيًا، وكان ابن عُمر يفعله.

हदीस की व्याख्या: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) सवार होकर एवं पैदल चलकर…

क़ुबा नामी बस्ती, जहाँ इस्लाम की पहली मस्जिद का निर्माण हुआ था, मदीना के निकट ही में स्थित एक बस्ती है। यही कारण है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- पैदल तथा सवारी पर उसे देखने जाया करते थे।

वर्णनकर्ता के शब्द "हर शनिवार को" से पता चलता है कि आपने देखने जाने के लिए एक दिन निर्धारित कर रखा था। हर सप्ताह शनिवार के ही दिन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के क़ुबा जाने के पीछे हिकमत यह थी कि आपका अंसार से संबंध स्थापित रहे और उनका हाल-चाल जान सकें, विशेष रूप से उन लोगों का, जो जुमा के दिन आपके साथ जुमा की नमाज़ पढ़ नहीं सके हैं। विशेष रूप से शनिवार को जाने के पीछ यही कारण था।

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के गुण तथा आचरण · नबवी तरीक़ा · आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा · सीरत एवं इतिहास

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद