नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक क़ब्र पर मुर्दे को दफ़नाए जाने के बाद नमाज़ पढ़ी और च…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक क़ब्र पर मुर्दे को…

عن عبد الله بن عباس رضي الله عنهما : «أن النبي صلى الله عليه وسلم صلَّى على قبر بعدَ ما دُفِنَ، فَكَبَّرَ عليه أَرْبَعاً».

हदीस की व्याख्या: नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक क़ब्र पर मुर्दे को…

अललाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की सृष्टि ही अच्छे आचरण के साथ हुई थी और आपके हिस्से में दया एवं करुणा का बहुत बड़ा भाग आया था। यही कारण है कि जब भी आपको अपना कोई साथी नज़र न आता, उसके बारे में पूछते और उसका हाल जानने का प्रयास करते।

इसी तरह, आपने इस क़ब्र में दफ़न व्यक्ति के बारे में पूछा, तो बताया गया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। इसपर आपने इच्छा व्यक्त की कि यदि लोगों ने आपको बताया होता, तो उसकी नमाज़ में शरीक होते, क्योंकि आपकी नमाज़ मृतक के लिए सुकून का कारण होती है और इससे वह अंधकार समाप्त हो जाता है, जिसमें वह होता है। फिर आपने उसकी क़ब्र पर उसी तरह नमाज़ पढ़ी, जिस तरह उपस्थित जनाज़े पर नमाज़ पढ़ी जाती है।

याद रहे कि क़ब्र पर आपके नमाज़ पढ़ने का मतलब यह नहीं है कि आपने उसके ऊपर चढ़कर नमाज़ पढ़ी होगी, बल्कि इसका मतलब यह है कि आप उसके पास खड़े हुए, उसकी ओर मुँह किया और उसपर जनाज़े की नमाज़ पढ़ी।

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لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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