मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक दिन में कभी दो बार पेट भरकर भोजन नहीं क…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक दिन…
हदीस की व्याख्या: मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक दिन…
उम्मुल मोमिनीन आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा बताती हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक ही दिन में कभी भी दो समय का ऐसा भोजन नहीं किया जिसमें से एक समय का भोजन खजूर न रहा हो।
सीख: मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के घर वालों ने एक दिन…
- अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आपके घर वालों का सादा रहन-सहन कि उन्हें दिन में कभी-कभी सिर्फ़ एक वक़्त का खाना ही मिल पाता था।
- खजूर उनके लिए अन्य चीज़ों से अधिक सुलभ था।
- ज़ुह्द और थोड़े पर संतोष करने की फ़ज़ीलत। यह नबियों का अख़लाक़ और रसूलों के सरदार की सीरत है।
- एक दिन में दो बार भोजन करना एक जायज़ और अनुमत कार्य है। यह अरबों की एक प्रसिद्ध आदत थी। वे दिन में दो भोजन करते थे : दोपहर का भोजन और रात का भोजन।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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