नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक सफर में थे। इशा की नमाज़ पढ़ी, तो एक रकअत में सूरा वत्-त…

इस्लाम > Hi > हदीस > सरत एव इतहस > नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक सफर में थे। इशा की नमाज़ पढ़ी, तो एक रकअत में सूरा वत्-त…

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक सफर में थे। इशा की नम…

عن الْبَرَاء بْن عَازِبٍ رضي الله عنهما «أن النبي صلى الله عليه وسلم كان في سفر، فصلى العشاء الآخِرَةَ، فقرأ في إحدى الركعتين بِالتِّينِ وَالزَّيْتُون فما سمعت أحدًا أحسن صوتًا أو قراءة منه».

हदीस की व्याख्या: नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक सफर में थे। इशा की नम…

नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इशा की नमाज़ की पहली रकात में सूरा 'वत्-तीन वज़़्-ज़ैतून' पढ़ी; क्योंकि आप सफ़र में थे और सफ़र की परेशानी एवं तकान ज़्यादा लंबी क़िरात की अनुमति नहीं देती। लेकिन सफ़र में होने के बावजूद नमाज़ के अंदर अच्छी आवाज़ में क़ुरआन पढ़ने से नहीं रुके, जो कुरान सुनते समय, विनीत होने का कारण बनता है और जिस कारण दिल के न भटकने की कैफ़ियत पैदा होती है।

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के गुण तथा आचरण · आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की यात्रा · नबवी तरीक़ा · आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा · सीरत एवं इतिहास

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद