आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु पर हदीसें

इस्लाम > Hi > हदीस > आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु

«आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु» पर 18 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की आत्मा उस समय निकाली गई जब आप का सिर मेरी गोद व सीने के बीच में था, जब आप की रूह निकली उस समय निकलने वाली सह़ीह़ जब उन्होंने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को स्नान कराया तो उस चीज की खोज शुरू की जो आम तौर से मृत व्यक्ति के शरीर से निकलती है (अर्थात पैशाब पैखाना सह़ीह़ सबसे अंतिम दृष्टि जो मैंने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की ओर डाली थी वह यह थी कि आप ने पर्दा हटाया जब्कि लोग अबू बकर- रज़ियल्लाहु अन्हु- सह़ीह़ मैं किसी की आसान मृत्यु पर रश्क नहीं करती थी जब से मैंने अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- पर मृत्यु की सख़्ती देखी। सह़ीह़ जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की मृत्यु हुई, तो सहाबा ने कहाः आपको कहाँ दफ़न किया जाए? तब अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अंहु- ने कहाः उसी स्थान में जहाँ आ ह़सन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की मृत्यु के पश्चात अबू बक्र -रज़ियल्लाहु अंहु- आपके पास आए, आपकी दोनों आँखों के बीच बोसा दिया, आपकी दोनों कंपटियों पर सह़ीह़ जिस दिन अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मदीने में क़दम रखा, तो उसकी हर चीज़ चमक उठी और जिस दिन आपकी मृत्यु हुई, उसकी हर चीज़ पर अंधेरा छा सह़ीह़ मेरे वारिस न दीनार तक़सीम करेंगे, न दिरहम। जो कुछ मैं अपनी पत्नियों के ख़र्च और अपने लिये काम करने वाले (ख़लीफ़ा आदि ) के ख़र्च के बाद छोड़ूँ, वह सदक़ सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने न दीनार छोड़े, न दिरहम, न बकरी, न ऊँट और न किसी चीज़ की वसीयत की। सह़ीह़ किसी भी नबी को जब उठाया गया, तो उसे जन्नत में उसका ठिकाना दिखा दिया गया और फिर उसे अख़्तियार दिया गया (कि चाहे तो दुनिया में रहे या जन्नत में अपना स्थ सह़ीह़ क्या आप मुझ से अल्लाह के -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के रोग के संबंध में नहीं बताएंगीं? उन्होंने कहाः क्यों नहीं, जब आप बीमार थे तो आप ने पूछाः क्या लो सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की पत्नियाँ आपके पास मौजूद थीं। इतने में फ़ातिमा- रज़ियल्लाहु अन्हा- चलती हुई आईं। उनके चलने का अंदाज़ अल्लाह के रसूल- सह़ीह़ आज के बाद तेरे पिता को कोई बेचैनी नहीं होगी। सह़ीह़ अब्दुर रहमान बिन अबू बक्र सिद्दीक़- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के कमरे में दाख़िल हुए। उस समय मैंने आपको अपने सीने सह़ीह़ अबू बक्र से कहो कि लोगों को नमाज़ पढ़ाएँ। सह़ीह़ ऐ अल्लाह, तू मुझे माफ कर दे और मुझपर दया कर तथा मुझे रफ़ीक़-ए- आला (नबियों, शहीदों, सिद्दीक़ों तथा नेक लोगों) से मिला दे। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अपनी उस बीमारी के दिनों में, जिसमें आपकी मृत्यु हुई, पूछते थेः "मैं कल कहाँ रहूँगा? मैं कल कहाँ रहूँगा?" दरअ स़ह़ीह़ नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद