आप जो कुछ कह रहे हैं और जिस बात का आह्वान कर रहे हैं, वह अच्छी है। अगर आप हमें बता दें कि …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: आप जो कुछ कह रहे हैं और जिस बात का आह्वान कर रहे हैं, व…

عَنِ ‌ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللهُ عَنْهُمَا: أَنَّ نَاسًا مِنْ أَهْلِ الشِّرْكِ، كَانُوا قَدْ قَتَلُوا وَأَكْثَرُوا، وَزَنَوْا وَأَكْثَرُوا، فَأَتَوْا مُحَمَّدًا صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالُوا: إِنَّ الَّذِي تَقُولُ وَتَدْعُو إِلَيْهِ لَحَسَنٌ، لَوْ تُخْبِرُنَا أَنَّ لِمَا عَمِلْنَا كَفَّارَةً، فَنَزَلَ {وَالَّذِينَ لا يَدْعُونَ مَعَ اللهِ إِلَهًا آخَرَ وَلا يَقْتُلُونَ النَّفْسَ الَّتِي حَرَّمَ اللهُ إِلا بِالْحَقِّ وَلا يَزْنُونَ}[الفرقان: 68]، وَنَزَلَت: {قُلْ يَا عِبَادِيَ الَّذِينَ أَسْرَفُوا عَلَى أَنْفُسِهِمْ لا تَقْنَطُوا مِنْ رَحْمَةِ اللهِ} [الزمر: 53].

हदीस की व्याख्या: आप जो कुछ कह रहे हैं और जिस बात का आह्वान कर रहे हैं, व…

कुछ मुश्रिक लोग, जिन्होंने बहुत-सी हत्याएँ की थीं और बहुत ज़्यादा व्यभिचार किया था, अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आए और कहने लगे कि आप जिस इस्लाम और उसकी शिक्षाओं की ओर हमें बुला रहे हैं, वह अच्छी चीज़ें हैं। लेकिन ज़रा यह बताएँ कि क्या अब तक हमारी शिर्क और अन्य बड़े गुनाहों में संलिप्तता का कोई कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) है या नहीं है?

चुनांचे यह दो आयतें उतरीं और अल्लाह ने बताया कि इन्सान चाहे जितनी संख्या में और जितने भी बड़े-बड़े गुनाह कर बैठे, सच्चे दिल से तौबा करने पर अल्लाह उसकी तौबा ग्रहण ज़रूर करता है। अगर ऐसा न होता, तो लोग आगे भी अविश्वास एवं अवहेलना के मार्ग पर चलते रहते और इस्लाम ग्रहण न करते।

सीख: आप जो कुछ कह रहे हैं और जिस बात का आह्वान कर रहे हैं, व…

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بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद